कुलियाकान, मेक्सिको
सुबह के 9 बज रहे थे। एकांशी की आँखें एकदम खुलीं। उसे रियलाइज हुआ, वो रुद्र के ऊपर थी… रुद्र की बाहें उसकी कमर के अराउंड लिपटी हुई थीं। वो दोनों अभी भी फ्लोर पर थे। और बिना कपड़ों के थे। न कोई ब्लैंकेट था उनके ऊपर।
कुलियाकान, मेक्सिको
सुबह के 9 बज रहे थे। एकांशी की आँखें एकदम खुलीं। उसे रियलाइज हुआ, वो रुद्र के ऊपर थी… रुद्र की बाहें उसकी कमर के अराउंड लिपटी हुई थीं। वो दोनों अभी भी फ्लोर पर थे। और बिना कपड़ों के थे। न कोई ब्लैंकेट था उनके ऊपर।
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