इटली / अगली सुबह
एकांशी की धीरे-धीरे आँखें खुलीं। उसने देखा, वो कमरे में अकेली थी। उसने उठकर बैठने की कोशिश की और जैसे-तैसे हिम्मत करके बैठ गई। उसने मन में कहा,
इटली / अगली सुबह
एकांशी की धीरे-धीरे आँखें खुलीं। उसने देखा, वो कमरे में अकेली थी। उसने उठकर बैठने की कोशिश की और जैसे-तैसे हिम्मत करके बैठ गई। उसने मन में कहा,
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